विद्यालय की प्रगति, उपलब्धियों और चुनौतियों में प्रबंधन की भूमिका का अध्ययन
Abstract
शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम 2009, भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21A के तहत बच्चों को 6 से 14 वर्ष की आयु तक मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने का कानूनी आधार है। यह अधिनियम न केवल शिक्षा के महत्व को रेखांकित करता है, बल्कि इसे एक मौलिक अधिकार के रूप में परिभाषित करता है। इस संदर्भ में, स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) की भूमिका अत्यधिक महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि यह बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। SMC का गठन स्कूल के संचालन और विकास में समुदाय की भागीदारी को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है। इसका मुख्य कार्य स्कूल के शैक्षिक और प्रशासनिक पहलुओं की निगरानी करना है। SMC के माध्यम से माता-पिता, शिक्षकों और स्थानीय निकायों को शिक्षा प्रणाली में सीधे शामिल किया जाता है। यह समिति न केवल संसाधनों का कुशल उपयोग सुनिश्चित करती है, बल्कि यह स्कूल की पारदर्शिता और जवाबदेही को भी बढ़ावा देती है।



